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विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक, मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण और धर्मांतरण पर चर्चा

VHP Kendriya Margdarshak Mandal: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की 2 दिवसीय बैठक मंगलवार को दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित इंद्रप्रस्थ नगरी में शाम 3 बजे से शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने की। उद्घाटन सत्र में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने हिंदू समाज के समक्ष उभर रही चुनौतियों पर चिंता जताते हुए संत समाज से कई विषयों पर मार्गदर्शन और हस्तक्षेप का आग्रह किया।

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इन विषयों पर मार्गदर्शन और हस्तक्षेप का आग्रह

  • हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की आवश्यकता
  • देशभर में बढ़ते धर्मांतरण पर रोक के प्रभावी उपाय
  • धर्म स्वतंत्रता कानून को पूरे देश में समान रूप से लागू करने की मांग
  • बढ़ती जिहादी मानसिकता, कट्टरता और हिंसक घटनाओं पर अंकुश
  • सीमांत क्षेत्रों में सामाजिक चुनौतियां और नशामुक्ति अभियान
  • जनगणना में सभी हिंदुओं की ओर से ‘हिंदू’ धर्म ही दर्ज कराने का आह्वान

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कुछ समूह जिहादी और आतंकी मानसिकता को सही ठहराने का दुस्साहस कर रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। दिल्ली में हुए आतंकी हमले के आरोपी के समर्थन में उठी आवाजों पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने संसद से कड़े और प्रभावी कानून बनाने की मांग करते हुए देवालयों को सरकारी अधिग्रहण से मुक्त करने और जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। (VHP Kendriya Margdarshak Mandal)

बैठक में पश्चिम बंगाल से पहुंचे संतों ने राज्य की गंभीर परिस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों की ओर से खुलेआम दिए जा रहे जिहादी बयान, हिंदुओं को धमकियां और अत्याचार सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी हैं। सुधांशु महाराज ने राममंदिर निर्माण की 500 साल की तपस्या और संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक ऊर्जा उसके संतों और सांस्कृतिक परंपराओं में निहित है। उन्होंने गुरुकुलों, पुजारी परंपरा, आश्रमों और संस्कार केंद्रों को मजबूत करने समेत सनातन समाज को अपनी सांस्कृतिक शक्ति के लिए संगठित होने का आह्वान किया। देशभर से करीब 300 संतों और विहिप पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक का पहला दिन महत्वपूर्ण चर्चाओं के साथ संपन्न हुआ।

बैठक में ये रहे उपस्थिति

  • जगद्गुरु स्वामी राम कमलाचार्य 
  • अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज
  • आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज
  • स्वामी विवेकानंद महाराज
  • गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज
  • स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज (अखिल भारतीय संत समिति)
  • ओमप्रकाश सिंघल (विहिप उपाध्यक्ष)
  • दिनेश चंद्र (संरक्षक)
  • विनायक राव (सह संगठन मंत्री)
  • अशोक तिवारी (केंद्रीय मंत्री)
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