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समाज को चाहिए ऐसे लोग जो सरकार के खिलाफ याचिकाएं दायर करें : नितिन गडकरी

Nitin Gadkari News : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने रविवार को एक अहम बयान देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ अदालत में याचिकाएं दायर करने वाले लोग जरूरी हैं, क्योंकि इससे लोक प्रशासन में अनुशासन आता है। नागपुर में आयोजित स्वर्गीय प्रकाश देशपांडे स्मृति ‘कुशल संगठक’ पुरस्कार समारोह में उन्होंने यह बात कही।

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लोकप्रिय राजनीति बनती है बाधा

गडकरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कई बार लोकप्रिय राजनीति के चलते मंत्री और राजनेता जरूरी कदम नहीं उठा पाते, जबकि अदालती आदेश के माध्यम से कई बार ऐसे कार्य संभव हो जाते हैं जिन्हें सरकार भी नहीं कर पाती। सरकार के खिलाफ याचिकाएं, नेताओं में जवाबदेही और अनुशासन लाने का माध्यम बनती हैं।

‘कुशल संगठक’ की भूमिका की सराहना

कार्यक्रम में सम्मानित किए गए ‘कुशल संगठकों’ की सराहना करते हुए गडकरी ने बताया कि इन लोगों ने शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गलत सरकारी फैसलों के खिलाफ कई बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सरकार को अपने निर्णय वापस लेने पर मजबूर किया।

वैश्विक हालात पर भी जताई चिंता

गडकरी ने अपने संबोधन में रूस-यूक्रेन और इज़राइल-ईरान युद्ध का ज़िक्र करते हुए दुनिया भर में बढ़ते संघर्ष पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महाशक्तियों की तानाशाही और निरंकुशता के कारण दुनिया में सद्भाव, समन्वय और प्रेम की भावना कमजोर हो रही है, और यह हालात कभी भी विश्व युद्ध की स्थिति पैदा कर सकते हैं। भारत को बुद्ध, महावीर और गांधी की धरती के रूप में विश्व को सत्य और अहिंसा का संदेश देना चाहिए।

तकनीकी प्रगति भी युद्ध में बना रही है खतरा

गडकरी (Nitin Gadkari) ने यह भी कहा कि युद्ध से जुड़ी तकनीकी प्रगति ने मानवता को बचाना और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इसलिए जरूरी है कि भारत नैतिक नेतृत्व के साथ वैश्विक नीति और भविष्य की दिशा तय करे।

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