Google Analytics —— Meta Pixel

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद, CM साय बोले-देर से आया पर दुरुस्त

रायपुर: 23 साल पुराने बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया है।

यह भी पढ़े :- जग्गी मर्डर केस में बड़ा उलटफेर, अमित जोगी को उम्रकैद, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी राहत

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनी रूप से असंगत है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य 28 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। इस मामले में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद मामला पुनः खोला गया।

सीएम की प्रतिक्रिया

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस मामले में पहले मुख्य आरोपी को बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य को सजा मिल चुकी थी। उन्होंने कहा, “अब हाईकोर्ट का निर्णय आया है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए। फैसला देर से आया, लेकिन दुरुस्त आया।”

Back to top button
error: Content is protected !!