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शिक्षा उस शेरनी के दूध के समान है जो पीयेगा वो दहाड़ेगा : श्रीमती रत्ना मेश्राम

भारतीय संविधान के शिल्पकार समानता और न्याय के महान पर्वतक डॉ. अंबेडकर की जयंती संपन्न

Ambedkar Jayanti 2026/ बालोद :   भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर क़ी जयंती समारोह (Ambedkar Jayanti 2026) देवरी बंगला परिक्षेत्र स्तरीय कार्यक्रम 14 अप्रैल 2026 को बालोद जिले के जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के अंतर्गत ग्राम किसना में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय बौद्ध महासभा जिला बालोद के अध्यक्ष दिलीप मेश्राम तथा कार्यक्रम के अध्यक्षता बौद्ध महासभा परिक्षेत्र देवरी के अध्यक्ष  सुनील रंगारे थे। बाबा साहब की जयंती के अवसर पर ग्राम फरदफोड से रैली प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंची जिसमें बड़ी संख्या में बाबा साहब के अनुयायी उपस्थित थे।
 
इस अवसर पर  दिलीप मेश्राम ने बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन, वंचित, शोषित और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके जीवन और विचार समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं। मेश्राम ने लोगों से आव्हान किया कि डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। 
अध्यक्षीय उद्बोधन में सुनील रंगारे ने कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा हासिल कर पुरी दूनिया में पहचान स्थापित की। बाबा साहब एक महान अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक थे। जिन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मण्डल अध्यक्ष विवेक वैष्णव ने कहा कि डॉ. अंबडेकर ने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का नारा दिया था। उन्होंने समाज के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। आदिवासी हल्बा समाज  रामलाल नायक ने कहा कि बाबा साहब ने नौकरी में काम के घंटे 12 से घटाकर 8 घंटे लागू करने में अहम् भुमिका निभाई। वे सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। अस्पृृश्यता निवारण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।  विजय चौहान शिक्षक के मार्गदर्शन में स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसे लोगों ने काफी सराहा। विशेष आमंत्रित श्रीमती रत्ना मेश्राम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का मानना था शिक्षा उस शेरनी के दूध के समान है जो पीयेगा वो दहाड़ेगा। मेश्राम ने कहा कि भले ही दो रोटी कम खाएं पर अपने बच्चों को अवश्य पढ़ाएं। 
आदिम जाति कल्याण विभाग के से.नि. परियोजना प्रशासक डी.पी. लोन्हारे ने जयंती समारोह को सफल बनाने में जिन्होंने अपना प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान किया उनके प्रति हृदय से आभार जताया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति प्रभा नायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष डौडी-लोहारा, कांतिप्रकाश सोनबरसा, ब्लॉक अध्यक्ष के अलावा सरपंच डोमेश्वरी यादव, हिना साहू, गैंदलाल सिन्हा ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेन्द्र कुमार मेश्राम,  पीएस लोन्हारे,  जी.एस. श्रीरंगे, अरविंद गौतम, आर.आर सुखदेवे, आर.आर.रामेटेके, राकेश मेश्राम, जे.पी. मेश्राम विशेष योगदान रहा। (Ambedkar Jayanti 2026)
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