Budget 2026: योग के बाद अब आयुर्वेद की वैश्विक बारी, देश में खुलेंगे 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए आयुर्वेद सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देने का ऐलान किया। उन्होंने दुनिया भर में आयुर्वेदिक दवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए देश में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्थापित करने की घोषणा की।
यह भी पढ़े :- ग्यारह दिवसीय श्री हनुमत महायज्ञ का भव्य समापन, पूर्णाहुति और महाप्रसादी के साथ सम्पन्न
बजट भाषण (Budget 2026) में वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय योग को पहले ही पूरी दुनिया में सम्मान और स्वीकृति मिल चुकी है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचाया गया। अब उसी तरह आयुर्वेद को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता मिल रही है।
सीतारमण ने कहा कि गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़ रहा है और प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने तीन नए ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान खोलने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद पहले से ही आयुर्वेदिक तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य कर रहा है।
AYUSH फार्मेसी और जामनगर GTMC होगा अपग्रेड
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि देशभर में AYUSH फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को उच्च मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा, ताकि कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके। इसके साथ ही गुजरात के जामनगर में स्थित WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर (GTMC) को और सशक्त किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में रिसर्च, ट्रेनिंग और जागरूकता के लिए एक वैश्विक नॉलेज हब के रूप में कार्य कर रहा है और यह दुनिया का पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय केंद्र है।
टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा, ‘महात्मा गांधी हैंडलूम योजना’ शुरू
बजट में कपड़ा उद्योग को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने ‘महात्मा गांधी हैंडलूम योजना’ शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प सेक्टर को मजबूती प्रदान करना है। यह योजना ग्रामीण रोजगार बढ़ाने और पारंपरिक कारीगरों की आय में वृद्धि करने में सहायक होगी। (Budget 2026)



