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Importance of Number Eight: जन्म दिनांक से जानिए अंक की विशेषता, पढ़ें अंक 8 का क्या हैं महत्व

Importance of Number Eight: पहले हम यह जान लेते हैं कि अंको की उत्पत्ति कैसे हुई। वर्तमान के अंक ज्योतिष में जिस विवेचन या विधा को देख रहे हैं, वह कैसे आया था, मुलत: संख्या के गणित का ही विशेष प्रकार का फलित है। किंतु संख्या शब्द ज्योतिष के परिप्रेक्ष्य को प्रकट नहीं कर पाता, इसलिए इसे संख्या ज्योतिष के स्थान पर अंक ज्योतिष या अंक विज्ञान के नाम से जानते हैं.

जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी मास की 8, 17, अथवा 26 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक आठ होता है, (उदहारण:- 17 =1+7 = 8 अंक शेष) इन तरीकों के अतिरिक्त यदि किसी अन्य संख्या का जोड़ एक हो तो उसका मूलांक भी 8 (आठ) ही होगा. (Importance of Number Eight)

अंक 8 का महत्व :- यह अंक विघटन का अंक है. इसका प्रतिनिधि ग्रह शनि है.

  1. प्राकृतिक गुण :- चक्रीय विकास के सिद्धांतों व प्राकृतिक वस्तुओं के अध्यात्मिकी कारण के झुकाव का प्रतीक है.  क्रिया- प्रतिक्रिया, जोड़-तोड़, विघटन, अलगाव, अराजकता, विभाजन का प्रतीक है.
  2. मानसिक गुण :- जीवन की अंत: प्रेरणा, बुद्धि विकास, अविष्कार एवं अनुसंधानद है. 
  3. प्रकृति :- सनकी स्वभाव मार्ग से हट जाता है, गलतियां करना एवं मानसिक विच्छेद होने का प्रतीक है.
  4. शनि प्रभाव जन्य गुण :- क्षीणता, शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक कमजोरी, नुकसान, पुनर्निर्माण मृत्यु, दुख लुप्त हो जाना या बहिर्गमन हो जाता है. इसका स्वामित्व शनि का है, जो यम का रूप है.
  5. जीवन :- व्यक्ति जीवन में महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, बहुत संघर्ष करना पड़ता है, फिर भी समाज अपेक्षित यश, मान्यता नहीं देता, यह एकाकीपन का अनुभव करते हैं.
  6. आडम्बर / प्रदर्शन नहीं होता, समाज अव्यावहारिक एवं रूखे हृदय का मानता है.
  7. यह अपने काम से मतलब रखते हैं, गंभीर होते हैं. अन्य दिशाओं में ध्यान नहीं देते, लोग बुरा मान जाते हैं, और इन से शत्रुता रखने लगते हैं.
  8. यह महत्वाकांक्षी होते हैं और उच्च पद प्राप्ति हेतु प्रयास रत रहते हैं.
  9. कत्यों के अधिकांश में बहुत कठिनाइयों और समस्याओं का सामना कर अंततः इसमें सफल होते हैं.
  10. इनकी बुद्धि कौशल, तर्कशील होते हैं, यह हर बात सोच समझकर करते हैं.
  11. इस अंक वाले अच्छी शिक्षा, उच्च पद प्राप्त करते हैं, और सांसारिक सुखों की कामना करते हैं. दूसरे वह जो गंभीर, अपने में लीन,  सांसारिकता से दूर, एकांत प्रिय और सन्यासी बन जाते हैं.
  12. यह अच्छी विद्या प्राप्त करते हैं, सतत संघर्षशील अवश्य सफल होते हैं, इनकी विद्या प्राप्ति में बाधाएं अथवा असफलताएं अवश्य आती हैं, इनसे विद्या अधूरी रह जाती है.
  13. यह धार्मिक ग्रंथों में विशेष रूचि रखते हैं, मित्र, भाई तथा परिवार के अन्य सदस्य इन्हें रुखा ही समझते हैं, तथा वैमनस्य रखते हैं,   पिता के साथ झगड़ा हो जाता है, और माता को भी परेशानी में डाल देते हैं.
  14. इन्हें भलाई का बदला बुराई से मिलता है, अंक 4, 5 व 6 की तरफ इनकी स्वाभाविक रूचि होती है.
  15. इस अंक की स्त्रियां होशियार और चालाक होती हैं,  यह किसी भी व्यक्ति को मूर्ख बना देती है.

(Importance of Number Eight) 

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