India-US Trade Deal: ट्रम्प को भरोसा 9 जुलाई तक फैसला संभव, भारत ने MSME को US एक्सेस और 10% से कम टैरिफ की रखी शर्त

India-US trade deal पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई है कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द एक मजबूत ट्रेड डील होगी, जिसमें टैरिफ भी सीमित रखे जाएंगे। Trump ने कहा कि भारत के साथ यह समझौता “कुछ अलग” होगा, जिससे दोनों देशों को फायदा मिलेगा।
भारत की ओर से दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, Trump द्वारा अप्रैल में लगाए गए 26 percent tariff को वापस लिया जाए और भारत पर टैरिफ 10% से अधिक न हो; दूसरी, भारतीय MSMEs को अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच दी जाए, खासकर leather, garments, gems-jewellery और pharma sectors को। भारत ने Generalized System of Preferences (GSP) की तर्ज पर zero tariff category की मांग दोहराई है, जो 2019 तक लागू थी।
इस बीच, defense agreement India US के बीच भी प्रगति हुई है। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने कहा कि India-US military cooperation को मजबूती देने के लिए लंबित defense deals पर जल्द हस्ताक्षर होंगे। 10 साल का नया रक्षा समझौता बातचीत के अंतिम चरण में है। यह समझौता bilateral trade agreement 500 billion डॉलर (₹43 लाख करोड़) के प्रस्तावित लक्ष्य की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। (India-US trade deal)
भारत ने कुछ अमेरिकी उत्पादों पर tariff में कटौती का ऐलान पहले ही कर दिया है और अब US tariff rollback को लेकर अमेरिका से साझा कार्रवाई की उम्मीद है। यदि 9 जुलाई तक कोई समझौता नहीं होता, तो Trump administration की ओर से लगाए गए suspended 26 percent tariff India पर दोबारा लागू हो जाएंगे। JPMorgan की रिपोर्ट बताती है कि अगर यह tariff policy जारी रही तो अमेरिकी उपभोक्ताओं पर 7 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। (India-US trade deal)
इस वक्त trade negotiations India US के लिए निर्णायक मोड़ पर हैं। Indian exports to USA जैसे सेक्टर्स पर इसका सीधा असर होगा। अगर यह डील होती है तो US India bilateral trade और economic ties को नई ऊंचाई मिलेगी। (India-US trade deal)
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