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महासमुंद में 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते सरपंच रंगे हाथ गिरफ्तार, एनओसी देने के नाम पर मांगे थे 4 लाख 

Sarpanch Arrested For Bribe: महासमुंद जिले में रायपुर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बेमचा ग्राम पंचायत के सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को 1 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सरकारी/आबादी जमीन से जुड़े निर्माण कार्य और अतिक्रमण से संबंधित मामले में एनओसी देने के बदले कुल 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। दरअसल, खसरा नंबर 3110/3 की लगभग 1 एकड़ 92 डिसमिल सरकारी/आबादी जमीन लंबे समय से अजय कुर्रे के कब्जे में थी। आरोप है कि इस जमीन को आगे कई लोगों को बेचा भी गया। इसी जमीन के एक हिस्से को महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय के लाइब्रेरियन सूरज रात्रे ने भी खरीदा था। 

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करीब 6 महीने पहले इस जमीन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कब्जाधारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ने पर मामला थाने तक पहुंचा और दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। बाद में सरपंच और वर्तमान कब्जाधारी सूरज रात्रे के बीच लगभग 4 लाख रुपए के समझौते की बात सामने आई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई थी। इसी दौरान सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने आबादी जमीन पर निर्माण कार्य की एनओसी देने के बदले रिश्वत मांगी। पहले एनओसी जारी होने के बाद उसे निरस्त कर दोबारा अनुमति देने के लिए पैसे की मांग की। (Sarpanch Arrested For Bribe)

शुरुआती मांग 4 लाख रुपए बताई गई, बाद में मोलभाव के बाद 3 लाख 80 हजार रुपए तय हुए। इसमें से 50 हजार रुपए पहले ही एडवांस के रूप में लिए जा चुके थे। शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने इस पूरे मामले की शिकायत रायपुर एंटी करप्शन ब्यूरो में की थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद गोपनीय रिकॉर्डिंग उपकरण उपलब्ध कराए गए। सरपंच और शिकायतकर्ता के बीच बातचीत के सबूत जुटाए गए। ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई। गुरुवार शाम लगभग 4 बजे ACB टीम ने जनपद पंचायत कार्यालय से कुछ दूरी पर कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। (Sarpanch Arrested For Bribe)

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस कंट्रोल रूम ले जाया गया और पूछताछ जारी है। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया। ACB ने आरोपी सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। फिलहाल आरोपी हिरासत में है और ACB यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं या पहले किसी अन्य किस्त में कितनी रकम ली गई थी। यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार सख्त कदम उठा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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