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कांकेर में धर्मांतरण को लेकर बढ़ा विवाद, धर्म परिवर्तन के दबाव और घर वापसी को लेकर आमने-सामने आए दो पक्ष

Conversion Controversy in Kanker: कांकेर जिले के चारामा तहसील अंतर्गत बाड़ाटोला गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। गांव में बढ़ते तनाव के बीच सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में कुछ धर्मांतरित व्यक्ति संगठित रूप से धर्म परिवर्तन की गतिविधियों में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भय के माध्यम से धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो लोग इसका विरोध करते हैं, उन्हें झूठे मामलों में फंसाने और थाने-कचहरी का डर दिखाने की बात भी सामने आई है।

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ग्रामीणों ने कहा कि गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है। आरोप है कि वह सेवा के नाम पर प्रार्थना सभाओं के जरिए लोगों को प्रभावित कर रही है। साथ ही उसके पति के पास्टर होने और गांव में प्रार्थना सभा आयोजित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा गांव की आंगनबाड़ी सहायिका पर भी बच्चों को ईसाई प्रार्थना सिखाने, बिंदी लगाने और प्रसाद लेने से रोकने जैसे आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों को उनकी पारंपरिक संस्कृति से दूर किया जा रहा है।

महिलाओं पर शिकायत के बाद भड़का विवाद

मामला उस समय और गरमा गया, जब धर्मांतरित व्यक्तियों ने गांव की चार महिलाओं के खिलाफ हल्बा पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन महिलाओं ने उन्हें मूल धर्म में वापसी के लिए दबाव बनाया। हालांकि ग्रामीणों और संबंधित महिलाओं का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह झूठा है। उनके मुताबिक गांव में एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पूरे गांव की सहमति थी, लेकिन सिर्फ चार महिलाओं को ही निशाना बनाकर शिकायत दर्ज कराई गई। महिलाओं का यह भी कहना है कि असल में उन पर ही ईसाई धर्म अपनाने और प्रार्थना सभा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। (Conversion Controversy in Kanker)

ग्रामीणों का प्रदर्शन, दोनों पक्ष आमने-सामने

शिकायत की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग हल्बा पुलिस चौकी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला पूरे गांव से जुड़ा है, लेकिन सिर्फ चार महिलाओं को निशाना बनाना गलत है। वहीं आरोपित महिलाओं ने भी धर्मांतरित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामसभा के निर्णयों की अनदेखी की जा रही है, जो पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। उनका कहना है कि इससे गांव की सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में SDM अरुण वर्मा को ज्ञापन सौंपा। जबकि पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति में सहायक पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। बाड़ाटोला गांव में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद अब सामाजिक तनाव का रूप ले चुका है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, यह देखना अहम होगा। (Conversion Controversy in Kanker)

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