नकली दवाओं की सप्लाई चेन का पर्दाफाश, इंदौर-भाटापारा-सारंगढ़ कनेक्शन आया सामने, मेडिकल स्टोर्स के जरिए चल रहा था फर्जी दवाओं का खेल

Counterfeit Drugs Supply Chain: छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य और औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित सप्लाई चेन से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रोचक अग्रवाल (इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (भाटापारा) और खेमराज बानी (सारंगढ़) शामिल हैं। तीनों को रायपुर में हिरासत में लिया गया। दरअसल, कुछ महीने पहले नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव से नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इस मामले की जांच आगे बढ़ाने पर विभाग को एक संगठित नेटवर्क का पता चला, जिसमें अलग-अलग शहरों के मेडिकल स्टोर्स और एजेंसियां शामिल पाई गईं।
यह भी पढ़ें:- Bihar CM Samrat Choudhary : पहली बार BJP का मुख्यमंत्री: सम्राट चौधरी आज संभालेंगे बिहार की कमान
जांच के दौरान दिसंबर महीने में सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर में छापेमारी की गई। यहां से संदिग्ध और नकली दवाओं के भंडारण और वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर जांच में शामिल किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया गया। इंदौर, भाटापारा और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कनेक्शन सामने आने के बाद विभाग इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है। अंतरराज्यीय स्तर पर फैले इस अवैध कारोबार में कई और लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। विभाग की ओर से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि इंदौर से लाकर स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के जरिए दवाओं की खपत की जा रही थी। मामले में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। दरअसल, जनवरी में ट्रांसपोर्ट के जरिए नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिसके बाद ड्रग विभाग की जांच में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच के दौरान दवा कारोबारियों की एक रेस्टोरेंट में हुई मीटिंग का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो में सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम की मौजूदगी सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। (Counterfeit Drugs Supply Chain)
अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से दवा लेने की अपील
खाद्य और औषधि विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दवाएं सिर्फ अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदें। किसी भी संदिग्ध दवा या गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। नकली दवाओं के खिलाफ चल रहा यह अभियान लगातार जारी है और विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। (Counterfeit Drugs Supply Chain)
नकली दवाओं की कैसे करें पहचान ?
- दवा के लेबल या पैकेजिंग पर वर्तनी की गलतियां दिखें तो सतर्क रहें।
- दवा के रंग, आकार या रूप में अचानक बदलाव नजर आए तो जांच करें।
- गोली टूटी, चूर्ण जैसी, फफूंदी लगी या असामान्य दिखे तो संदिग्ध मानें।
- पैकेजिंग खुली, सील टूटी या छेड़छाड़ के निशान हों तो सावधान रहें।
- दवा की गुणवत्ता खराब या सामान्य से अलग लगे तो तुरंत ध्यान दें।
बचाव के तरीके
- दवाइयां हमेशा अधिकृत और विश्वसनीय मेडिकल स्टोर से ही खरीदें।
- संदिग्ध दवा मिलने पर उसे तुरंत लेना बंद करें।
- डॉक्टर या फार्मासिस्ट से तुरंत संपर्क कर सलाह लें।
- दवा निर्माता कंपनी को बैच नंबर के साथ जानकारी दें।
- संदिग्ध मामलों की सूचना ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी को दें।



