सरकार ने लिया बड़ा फैसला, IT हार्डवेयर के लिए PLI योजना-2.0 को मंजूरी दी, आएंगी 50,000 नई नौकरी

50,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और 1.5 लाख लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (पीएलआई) की सफलता के आधार पर, 17 मई, 2023 को आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना – 2.0 को मंजूरी दे दी थी। इस योजना में लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पीसी, सर्वर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर डिवाइस शामिल हैं।

आज 27 आईटी हार्डवेयर विनिर्माताओं के आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। एसर, आसुस, डेल, एचपी, लेनोवो आदि जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों के आईटी हार्डवेयर का निर्माण भारत में किया जाएगा। योजना की अवधि के दौरान इस अनुमोदन के अपेक्षित परिणाम इस प्रकार हैं:

रोजगार: कुल लगभग 02 लाख
लगभग 50,000 (प्रत्यक्ष) और लगभग 1.5 लाख (अप्रत्यक्ष)
आईटी हार्डवेयर उत्पादन का मूल्य: 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये (42 बिलियन अमेरिकी डॉलर)
कंपनियों द्वारा निवेश: 3,000 करोड़ रुपये (360 मिलियन अमेरिकी डॉलर)

उद्योग जगत के दिग्गजों और मीडिया को संबोधित करते हुए, रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 27 अनुमोदित आवेदकों में से 23 आज से ही विनिर्माण शुरू करने के लिए तैयार हैं।

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सूची से कुछ बड़े नामों की अनुपस्थिति पर एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि कुछ लोग मूल्यांकन कर रहे हैं और अपनी योजनाएं बना रहे हैं और ‘यह सिर्फ समय का सवाल है.’ हालांकि, उन्होंने कोई नाम नहीं लिया. भारत की विनिर्माण शक्ति को बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना 2.0 को 17 मई, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी. इस योजना का लक्ष्य लैपटॉप, टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर, सर्वर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर (यूएसएफएफ) उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देना है.

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