निठारी कांड में सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर बरी, HC ने रद्द की फांसी की सजा

Nithari Kand: निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तमाम मामलों में बरी कर दिया है. इसके साथ ही सुरेंद्र कोली को 12 और मनिंदर सिंह पंढेर को दो मामलों में मिली फांसी की सजा भी रद्द कर दी गई है. बता दें कि गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को बदल दिया है. हाईकोर्ट का ये फैसला दोनों दोषियों की 14 अर्जियों पर सुनाया गया है. सुरेंद्र कोली ने 12 मामलों में दी गई फांस की सजा के खिलाफ अपील की थी जबकि मनिंदर ने दो मामलों में सजा के खिलाफ अर्जी दायर की थी. अदालत ने दोनों को कोई सबूत और गवाह नहीं होने के आधार पर बरी किया है.

क्या है निठारी कांड

दिसंबर 2006 में निठारी स्थित मनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पास नाले से नर कंकाल बरामद हुए थे. जब इस मामले की पड़ताल शुरू हुई तो आरोप लगे कि मनिंदर सिंह ने अपने नौकर सुरेंद्र कोली के साथ मिलकर कई बच्चों का अपहरण किया, उनके साथ दुष्कर्म कर हत्या के शव नाले में फेंके गए. (Nithari Kand)

यह भी पढ़ें:- Chhattisgarh: 3 राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से निपटे 11 लाख 78 हजार से ज्यादा केस, पढ़ें पूरी खबर

आरोपियों की तरफ से हाईकोर्ट में दलील दी गई है कि इस घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। सिर्फ वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया गया है और फांसी की सजा दी गई है। अर्जियों में फांसी की सजा को रद्द किए जाने की अपील की गई थी। जबकि मनिंदर सिंह पंढेर एक मामले में हाईकोर्ट से बरी हो चुका है। मनिंदर सिंह पंढेर की नोएडा स्थित कोठी का सुरेंद्र कोली केयर टेकर था। उसने गरीब नाबालिग लड़कियों को नौकरी पर रख यौन शोषण के बाद नृसंस हत्या कर कंकाल नाले में फेंक साक्ष्य मिटाने की कोशिश का आरोप लगा था। उसके इस आपराधिक कृत्य में पंढेर को भी लिप्त बताया गया था। सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की और गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत ने सजा सुनाई। जिसके खिलाफ अपीलें दाखिल की गई है। (Nithari Kand)

Back to top button